गुरुवार, 12 सितंबर 2019

अगर आप बना रहे हैं वाहन चेकिंग का वीडियो तो ट्रैफिक पुलिस नहीं लगा सकती मोबाइल को हाथ!

अगर आप बना रहे हैं वाहन चेकिंग का वीडियो तो ट्रैफिक पुलिस नहीं लगा सकती मोबाइल को हाथ!



ट्रैफिक चालान काटते वक्त पुलिस करे दुर्व्यवहार तो करें मोबाइल से रिकॉर्डिंग, यह आपका अधिकार है, आरटीआई में पुलिस ने माना!
एजेंसी
नई दिल्ली। जब से संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट लागू हुआ है, चालान की दरें भारी-भरकम हो गई हैं। पुलिस भी पहले के मुकाबले ज्यादा सक्रिय दिख रही है। चौक-चौराहों पर खड़ी होकर जांच कर रही है। तमाम जगहों से पुलिस के दुर्व्यवहार की खबरें और वीडियो आ रहे हैं। ऐसे में आपके कुछ अधिकार भी हैं। कोई भी वाहन चालक पुलिसकर्मी के साथ बातचीत के दौरान कैमरा इस्तेमाल कर सकता है। इस पर कोई पाबंदी नहीं है। पुलिसकर्मी को फोन और कैमरा आदि  छीनने और तोड़ने का अधिकार नहीं है। एक आरटीआई के जवाब में हरियाणा पुलिस ने यह जानकारी दी है।


फरीदाबाद निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट अनुभव सुखीजा ने वाहन चालकों के अधिकार को लेकर हरियाणा पुलिस में एक आरटीआई डाली। पुलिस ने बताया कि वाहन चलाते समय अगर किसी चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट आदि नहीं है तो चालक मोबाइल पर पुलिसकर्मी को कागजात दिखा सकता है। वाहन चलाते समय गाड़ी में हॉकी, क्रिकेट बैट, विकेट आदि सामान रखने पर पाबंदी नहीं है। लेकिन अवैध हथियार रखना दंडनीय अपराध है।
आरटीआई के एक सवाल के जवाब में ट्रैफिक पुलिस ने बताया है कि वाहन चलाते समय चालक व चालक के साथ बराबर में बैठे व्यक्ति के लिए सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। लेकिन अगर कोई महिला गर्भवती है या चोट आदि है तो मानवता के आधार पर सीट बेल्ट से छूट मिल सकती है।
अगर कोई व्यक्ति पुलिस थाने में किसी काम के लिए जाता है तो अपने वाहन को थाने में निर्धारित जगह पर खड़ा कर सकता है। आरटीआई के मुताबिक कानून में स्पष्ट नहीं है कि डॉक्टर, वकील या प्रेस का लोगो लगाना गलत है। लेकिन यदि अगर कोई व्यक्ति अपने निजी वाहन पर भारत सरकार या राज्य सरकार का लोगो लगाता है तो उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिसकर्मी हाथ से इशारा करके वाहन रुकवा सकता है। चेक कर सकता है। अगर कोई चालक पुलिसकर्मी द्वारा दिए गए इशारे पर अपना वाहन नहीं रोकता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई का अधिकार है। लेकिन पुलिसकर्मी किसी व्यक्ति को न तो गाली दे सकता है और न मारपीट कर सकता है। पुलिसकर्मी को वाहन के प्रदूषण स्तर का सर्टिफिकेट चेक करने का अधिकार है।
अगर कोई वाहन चालक अपने निजी वाहन में कमर्शियल उद्देश्य के लिए कोई सामान ले जाता है तो पुलिसकर्मी को उसका बिल चेक करने का अधिकार है। पुलिसकर्मी अगर किसी वाहन चालक को गाड़ी के कागजात चेक करने के लिए रुकवाता है तो चालक कागजात पुलिसकर्मी को दिखाने का जिम्मेदार होगा।


 


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