रविवार, 3 जनवरी 2021

यदि इनकम टैक्सेबल नहीं तो क्या भरना चाहिए आईटीआर!

 यदि इनकम टैक्सेबल नहीं तो क्या भरना चाहिए आईटीआर! 



अगर आप रिटर्न फाइल नहीं कर रहे आईटीआर भरने के फायदे जरूर जान लें

प0नि0डेस्क

देहरादून। यदि आप रिटर्न फाइल नहीं करते तो जान लें कि इनकम टैक्स एक्ट के मुताबिक 2.5 लाख से ज्यादा सालाना आय रखने वाले सभी लोगों को अनिवार्य रूप से रिटर्न फाइल करना चाहिए। ड्यू डेट के पहले अपना रिटर्न नहीं फाइल करने पर जुर्माना देना पड़ सकता है। अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को अलग-अलग जुर्माना भरना पड़ता है।

लेकिन सवाल यह कि यदि आपकी आय टैक्सेबल नहीं है, यानी आपकी आय पर टैक्स नहीं कटता या फिर कोई रिफंड भी नहीं बनता तो भी क्या इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करनी चाहिए या नहीं? 

यदि आपकी सालाना आय पर आप टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे हैं चाहे भले ही कोई टैक्स कट नहीं बनता हो या फिर रिफंड न मिलता हो, आपको इसके कई फायदे मिलते हैं। आपका आईटीआर कई मामलों में कई लाभ पहुंचा सकता है, वहीं कई मौकों पर अहम दस्तावेज का काम कर सकता है।

सबसे पहली बात आपको आईटीआर न भरने के लिए या फिर देरी से भरने के लिए निर्धारित जुर्माना नहीं भरना पड़ता। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में आपका रिकार्ड क्लीन रहता है। वहीं आप कानूनी पचड़ों के झंझट से भी बच जाते हैं। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234एफ के तहत यदि आपकी सालाना आय 5 लाख से कम है तो आपको 1,000 और इससे ज्यादा की आय पर 10,000 का जुर्माना भरना पड़ता है। ऐसे में आपकी ड्यूटी बनती है कि आप अपना टैक्स रिटर्न फाइल करें।

आईटीआर फाइल नहीं करने की स्थिति में आपके ऊपर किसी स्थिति में बने रिटर्न पर ब्याज 1 फीसदी प्रति महीना बढ़ता रहता है, ऐसे में अगर आप आईटीआर फाइल नहीं करेंगे तो यह ब्याज की रकम बढ़ती ही जाएगी। अगर आपके किसी निवेश में टीडीएस कटा है तो आपको रिफंड क्लेम करने के लिए आईटीआर भरना होगा। यानी रिफंड चाहिए तो आईटीआर भरिए।

आईटीआर की रसीद ऐसे मौके पर काम आती है। अगर आप भविष्य में कभी पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो यह मदद कर सकती है। बैंक और फाइनेंशियल कंपनियां आपका क्रेडिट तय करने में आईटीआर की रसीद को वरीयता देती हैं। ऐसे में अगर आप अपना रिटर्न फाइल करते रहे हैं तो आपको लोन लेने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

बैंकिंग संस्था आईटीआर न फाइल किए जाने की स्थिति में आपकी क्रेडिट कार्ड एप्लीकेशन रिजेक्ट कर सकती है। वहीं अगर आप ज्यादा कवर वाली इंश्योरेंस पालिसी खरीदना चाहते हैं तो इसके लिए आपके पास आईटीआर सबमिशन होना मददगार साबित हो सकता है। अगर आपके पास ऐसा कोई प्रूफ नहीं है तो आपकी इंश्योरेंस कंपनी आपको हाई कवर वाली पालिसी देने से इनकार कर सकती है।


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