गुरुवार, 3 जून 2021

नेस्ले के प्रोडक्ट्स के बारे में डाक्युमेंट लीक

नेस्ले के प्रोडक्ट्स के बारे में डाक्युमेंट लीक 



एजेंसी 

लंदन। नेस्ले के मैगी और नेस्कैफे काफी के लोग दीवाने हैं। कंपनी फिलहाल कुछ अंदरूनी डाक्युमेंट लीक हो जाने के चलते विवाद में आ गई है। असल में कंपनी के कुछ बड़े अधिकारियों के बीच कंपनी के खाने-पीने के प्रोडक्ट्स को लेकर प्रेजेंटेशन शेयर किए गए। इनमें कहा गया है कि नेस्ले का बनाया ज्यादातर सामान हेल्दी नहीं कहा जा सकता। जब एक अखबार ने इस लीक डाक्युमेंट्स के जरिए खबर छापी तो हंगामा मच गया। अब कंपनी साख बचाने की कोशिश में है। 

ब्रिटिश अखबार फाइनेंशिल टाइम्स ने नेस्ले को लेकर यह बड़ा खुलासा किया है। अखबार के मुताबिक नेस्ले कंपनी के अधिकारियों के बीच शेयर किए गए एक प्रेजेंटेशन में कहा गया है कि नेस्ले फूड एंड ड्रिंक्स के ज्यादातर प्राडक्ट्स अनहेल्दी हैं। ये प्रेजेंटेसन साल 2021 की शुरुआत में नेस्ले अधिकारियों के बीच साझा किए गए हैं।

इसमें कहा गया है कि नेस्ले के प्रमुख उत्पादों में से 60 फीसदी ऐसे हैं जिन्हें सही मायने में हेल्दी नहीं कहा जा सकता। कंपनी ने भीतर सर्कुलेट किए गए डाक्युमेंट्स में यह भी कहा गया है कि कंपनी के कुछ प्राडक्ट तो ऐसे हैं जो कभी भी हेल्दी नहीं हो सकते। प्रेजेंटेशन में कहा गया है कि लीक डाक्युमेंट्स से यह भी पता चलता है कि नेस्ले के तकरीबन 50 फीसदी प्राडक्ट्स का यही हाल है। 

आस्ट्रेलिया में एक हेल्थ स्टार रेटिंग सिस्टम है। हर खाने-पीने के सामान को 5 में से रेटिंग दी जाती है। इसके बाद खाने को रिसर्च के लिए दुनिया भर की एजेंसियों में भेजा जाता है। खाने पर रिसर्च ‘एसेस टु न्यूटिशन फाउंडेशन’ जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं करती हैं। नेस्ले कंपनी के जिन खाने-पीने की सामान को लेकर बातचीत की गई है, उसमें 37 फीसदी को आस्ट्रेलिया की हेल्थ स्टार रेटिंग के हिसाब से 5 में से 3.5 की रेटिंग मिली है।

कंपनी के जो अंदरूनी डाक्युमेंट्स लीक हुए हैं, उसमें नेस्ले ने 3.5 रेटिंग को हेल्दी यानी स्वास्थ्यप्रद का पैमाना माना है। लीक डाक्युमेंट्स में माना गया है कि कंपनी के खाने के 70 फीसदी सामान और 96 फीसदी पेय पदार्थ ;काफी को छोड़करद्ध स्वास्थ्यप्रद की सीमा में नहीं आते। इसके अलावा नेस्ले की 99 फीसदी कनफेक्शनरी आइटम ;मीठा सामान जैसे टाफी-चाकलेट आदिद्ध और आइसक्रीम भी हेल्दी की कटगिरी में नहीं आते। कंपनी के सिर्फ डेरी प्राडक्ट्स और पानी ही ऐसा हो जो 3.5 की रेटिंग की सीमा को मैच करता है।

नेस्ले ने डाक्युमेंट्स में माना है कि उसका खाने-पीने का सामान हेल्दी होने की परिभाषा के हिसाब से नीचे है। यह रिपोर्ट ऐसे वक्त पर आई है जब कंपनी मैगी नूडल्स, किटकैट और दूसरे प्राडक्ट्स को हेल्दी खानपान के तौर पर प्रमोट कर रही है। कंपनी ने पहले ही कह दिया है कि वह अपनी न्यूट्रिशन और हेल्थ स्ट्रैटजी में बदलाव कर रही है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद नेस्ले बचाव में आ गया है। 

बता दें कि नेस्ले पहले भी भारत में मैगी को लेकर विवादों में फंस चुका है। भारत में इसकी बिक्री पर भी कुछ दिन रोक लगी रही थी। अब इस तरह की रिपोर्ट सामने आने से इस यूरोपीय ब्रैंड को नुकसान हो सकता है। नेस्ले का भारत में बहुत बड़ा मार्केट है। कंपनी भारत में चाकलेट, नूडल्स, डब्बे वाला दूध, ड्रिंक्स आदि बनाती है।


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