शनिवार, 31 जुलाई 2021

सूखी और बलगम वाली खांसी में अंतर और उपचार

 सूखी और बलगम वाली खांसी में अंतर और उपचार

बदलते मौसम के साथ अक्सर हम खांसी का शिकार हो जाते हैं



प0नि0डेस्क

देहरादून। खांसी की समस्या आमतौर पर किसी को भी हो जाती है। यह मौसम में बदलाव की वजह से हो सकती है या किसी तरह की खाने पीने की चीजों की वजह से भी हो जाती है। खांसी दो तरह की होती हैं, जिनके उपचार का तरीका भी एक दूसरे से अलग है। लेकिन लोग सुखी खांसी और बलगम वाली खांसी के लिए एक से उपाय या उपचार के तरीके आजमाते हैं, जिन्हें अपनाने से स्थिति आसानी से काबू में नहीं आती।

आखिर किस तरह सुखी खांसी और बलगम वाली खांसी का उपचार किया जाता हैं। इसके अलावा इन दोनों ही खांसी की वजह क्या है और यह दोनों कैसे एक दूसरे से अलग हैं। सूखी खांसी की मुख्य वजह ब्रोन काइटिस में एलर्जी हो सकती है। इसके अलावा बहुत से लोगों को एसिडिटी और अस्थमा की वजह से भी सूखी खांसी की समस्या हो सकती है। सूखी खांसी के दौरान गले में दर्द रह सकता है। ऐसे में यदि कोई अस्थमा के मरीज हैं तो थोड़ा सावधानी बरतने की जरूरत है।

सूखी खांसी से राहत पाने के लिए कुछ चीजों से दूरी बनानी होगी। वहीं कुछ चीजों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना होगा। तभी सूखी खांसी से राहत पायी जा सकती हैं। इसके लिए यह देखें कि किस चीज से एलर्जी है। अधिक ठंडी चीजों का सेवन करना बंद कर दें। इससे खांसी में आराम मिलेगा।

सूखी खांसी से छुटकारा पाने के लिए पानी अधिक पिएं। मसालेदार खाने पीने की चीजें और चाय काफी का सेवन कम कर दें। अगर खांसी कुछ दिनों के भीतर ठीक ना हो तो बिना वक्त गवाएं डाक्टर से संपर्क करें और चेस्ट स्कैन कराएं और खांसी की मुख्य वजह का पता लगायें।

अगर गीली खांसी है तो यह भी किसी तरह की एलर्जी का कारण हो सकती है। लेकिन ऐसे में खांसी की वजह महज एलर्जी है या कोई गंभीर समस्या है। यह खांसी में निकलने वाले बलगम को देख कर समझ सकते हैं। अगर बलगम सफेद रंग का है तो यह एक साधारण एलर्जी हो सकती है। वहीं अगर बलगम का रंग पीला, हरा है या बलगम में खून दिखाई दे रहा है तो यह गंभीर स्थिति की ओर इशारा हो सकता है।

अगर लंबे समय तक गीली या बलगम वाली खांसी दिखाई दे तो बिना समय खराब किए डाक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा अपनी चेस्ट का एक्सरे या सीटी स्कैन कराएं। बता दें कि गीली खांसी के दौरान बलगम में खून आने की समस्या कैंसर के मरीजों में भी देखने को मिलती हैं। इसलिए गीली खांसी का समय पर उपचार जरूर कराएं।


अब लिंक का इंतजार कैसा? आप सीधे parvatiyanishant.page पर क्लिक कर खबरों एवं लेखों का आनंद ले सकते है।

मालन पुल के मरम्मत का कार्य धीमी गति से होेने पर विधानसभा अध्यक्ष ने नाराजगी जतायी

 मालन पुल के मरम्मत का कार्य धीमी गति से होेने पर विधानसभा अध्यक्ष ने नाराजगी जतायी संवाददाता देहरादून। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण न...