रविवार, 26 सितंबर 2021

मांगें पूरी न होने पर सत्याग्रह करेंगे वयोवृद्व सेवानिवृत्त कार्मिक

 मांगें पूरी न होने पर सत्याग्रह करेंगे वयोवृद्व सेवानिवृत्त कार्मिक



यूपीसीएल प्रबंधन के रवैये से यूपीजेई एसो0 का सेवानिवृत्त प्रकोष्ठ आहत

संवाददाता

देहरादून। उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि0 के प्रबन्ध निदेशक को उत्तराखण्ड पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन के सेवानिवृत्त प्रकोष्ठ के द्वारा सेवानिवृत्त कार्मिकों, अवर अभियन्ताओं/सेवानिवृत्त प्रोन्नत अभियन्ताओं/दिवंगत अभियन्ताओं के आश्रितों की मात्रा चार समस्याओं के निराकरण के लिए पत्र प्रेषित कर प्रार्थना की गयी। ऐसे में यदि समस्याओं का निराकरण द्विपक्षीय वार्ता के द्वारा नहीं किया जाता है तो समस्त सेवानिवृत्त अवर अभियन्ताओं/सेवानिवृत्त प्रोन्नत अभियन्ता अधिकारियों द्वारा उत्तराखण्ड पावर कारपोरशन लि0 के मुख्यालय पर 30 सितम्बर को प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक ध्यानाकर्षण सत्याग्रह कार्यक्रम पर बैठने के लिए बाध्य होना पडेगा, जिसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व निगम प्रबंधन, शासन व सरकार का होगा। 

यहां जारी एक विज्ञप्ति में यूपीजेई एसो0 के सेवानिवृत्त प्रकोष्ठ ने कहा कि ऊर्जा मन्त्री हरक सिंह रावत के निर्देशों के बावजूद न्यायोचित कार्यवाही न होना प्रबंधन की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। निगम प्रबंधन, उत्तराखण्ड शासन, ऊर्जा मन्त्री एवं मुख्यमन्त्री को भी पत्र द्वारा सूचित किया गया है। किन्तु वयोवृद्व सेवानिवृत कार्मिकों की कोई सुध लेने वाला नहीं है। समस्यायें भी ऐसी जिसका कोई वित्तीय भार नहीं है, मात्र शासन के द्वारा किये गये आदेशों का अनुपालन कराना तथा उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि0 के आदेश पर पुनर्विचार कर संशोधित करना है। 

उनका कहना है कि प्रधानमन्त्री, मुख्यमन्त्री वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान की बात तो करते हैं किन्तु क्या धरातल पर इसका अनुपालन हो रहा है? यह शोचनीय विषय है। दिनांक 31.12.2015 तक सेवानिवृत्त कार्मिकों, अवर अभियन्ताओं, सेवानिवृत्त प्रोन्नत अभियन्ताओं/दिवंगत अभियन्ताओं के आश्रितों को एक रैंक एक पेंशन की पुनरीक्षित पेंशन का भुगतान न हो पाना, सेवानिवृत्त/पारिवारिक पेंशनर्स के द्वारा देय मासिक निर्धारित विद्युत नियत शुल्क (फिक्स चार्जज) को जमा करने की पूर्व व्यवस्था लागू न होना, ऊर्जा के तीनो निगमों (उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि0, पिटकुल व यूजेवीएन लि0) में चिकित्सा सुविधा समान रूप से लागू न करना एवं सेवानिवृत्त अवर अभियन्ताओं/सेवानिवृत्त प्रोन्नत अभियन्ताओं/दिवंगत अभियन्ताओं के आश्रितों को प्रदेश में जिस स्थान पर स्थायी रूप से निवास कर रहे हैं उनके समस्त देय उस शहर के खण्ड कार्यालय से दिये जाने के आदेश भी आज तक पारित नहीं किये गये हैं। 

कहा गया है कि क्या यह वयोवृद्व सेवानिवृत कार्मिकों के साथ विडम्बना नहीं है? यदि दिनांक 29.09.2021 तक वार्ता के माध्यम से समाधान नहीं किया जाता है तो महात्मा गांधी के द्वारा बताये हुए रास्ते पर चलते हुए दिनांक 30.09.2021 को ध्यानाकर्षण सत्याग्रह, तदोपरान्त अग्रिम चरण में समस्त बीमार व लाचार वयोवृद्व सेवानिवृत कार्मिक पैदल मार्च करते हुए मुख्यमन्त्री पुष्कर सिंह धामी के आवास की ओर लिए कूच करेंगे। शायद हमने अलग राज्य उत्तराखण्ड इसीलिए मांगा था कि बुजुर्गों का कदम-कदम पर अपमान हो।

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