शनिवार, 4 अप्रैल 2020

कोरोना वायरस से डरें नहीं

कोरोना वायरस से डरें नहीं



वह अन्य फ्लू वायरस जैसा ही है, केवल ज्यादा फैलने का मौका मिल गया है जिसके लिए चीन जिम्मेदार बताया गया है। 
अव्वल तो होने न दें, हो जाए तो तुरन्त उसका अंत करें!
एसपी सभरवाल
देहरादून। वायरस के प्रकोप से बचने के लिए सभी प्रचार माध्यम आपको मास्क पहनने तथा हाथ बार-बार साबुन से धोने अथवा सैनिटाइजर का प्रयोग करने की सलाह देते हैं। ऐसा अवश्य करें हालांकि कुछ जानकार इन्हें बहुत नाकाफी मानते हैं क्योंकि उनके अनुसार सभी फ्लू वायरस नाक और मुंह के रास्ते बीमारी फैलाने में अक्षम है। दो बार नोबेल पुरुस्कार विजेता जर्मन डाक्टर ऑटो वॉरबर्ग के अनुसार ये वायरस हवा से कान के रास्तेे घुसतेे और बीमार करते हैं। दोनो कानों के मध्य एक छोटी संकरी टयूब (Eustachian Tube) है जो बीमारी वाले वायरस के लिए खुला रास्ता है। मास्क कान को नहीं ढकते, अतः वायरस के लिए रास्ता खुला रहता है। यदि यह सही है तो मास्क कानों पर भी होने चाहियें।
बीमारी से बचने के लिए इसके अलावा मीठे सोडे का प्रयोग भी कारगर हो सकता है जिसका सेवन निम्नवत हैः
"In 1924, Dr. Volney S. Cheney published a book called Arm & Hammer Baking Soda Medical Uses, in which he recorded his experience with treating flu. He observed that people who were treated with baking soda either remained healthy or they developed a milder version of the disease.
Dr. Cheney reported giving generous doses of sodium bicarbonate for influenza and in many cases the symptoms disappeared within 36 hours. He also suggested taking baking soda as a preventive measure.
The general belief is that when taken internally, baking soda helps to maintain the pH balance in your bloodstream. The substance has an alkalizing effect on the body, which is linked to better health and disease prevention. Although it has many supporters, this theory has not been scientifically proven.
If you want to follow the recipe prescribed by Dr. Cheney in 1924 (that is still valid today), here it is:
Day 1: take ½ teaspoon of baking soda diluted in a glass of cold water, six times a day, at about two-hour intervals.
Day 2: take ½ teaspoon of baking soda diluted in a glass of cold water, four times a day.
Day 3: take ½ teaspoon of baking soda diluted in a glass of cold water in the morning and in the evening.
After this initial period, take ½ teaspoon of baking soda diluted in a glass of cold water every morning until your symptoms are gone.


प्रचार मीडिया में फ्रलू वायरस के लक्षण विस्तार से दिये जा रहे हैं, जैसे खांसी, ज़ुकाम, बुखार, दर्द, सांस लेने में दिक्कत तथा बाद में निमोनिया इत्यादि। यह भी माना जा रहा है कि एलोपैथी में डाक्टरों के पास किसी भी फ्लू वायरस की कोई दवा नहीं है और वे बीमारी से बचाने के लिए वैक्सीन की प्रतीक्षा कर रहे हैं जिसमें महीनों लग सकते है। फिलहाल मरीज को आइसोलेट कर दूसरों कोें बीमारी से बचाने का प्रयास हो रहा है। 
फ्लू वायरस संक्रमण के साथ या उसके कारण सेकेंड्री बीमारी जैसे निमोनिया न हो अथवा हो जाने पर उसके उपचार हेतु एंटीबायोटिक्स दी जाती हैं जो शायद पेशबंदी हेतु वाजिब भी है, हालांकि इसके साइड इफेक्ट लम्बे समय तक चलते बताये गये हैं।
हौम्योपैथी में इसके लिए Arnica Alb दिया जाता है तथा आयुर्वेद में गिलोय इत्यादि जो बुखार के इलाज हैं, वायरस के नहीं।
सेनिटाइजर- फ्लू वायरस तथा नॉवल कोरोना फ्लू वायरस तथा उसके पथ्य/आआइषधि के बारे में विस्तार से चर्चा से पहले यहां सेनिटाइजर के बारे में कुछ जरूरी तथ्य देना आवश्यक है। ये निम्न या मिलते जुलते लेबल से उपलब्ध हैंः
    1- Clorox Disinfecting Wipes
    2- Clorox Clean-Up Cleaner + Bleach
    3- Lysol Disinfectant Spray
    4- Lysol Multi-Purpose Cleaner with Bleach
    5- Lysol Multi-Purpose Cleaner with Hydrogen Peroxide
    6- Purell Multi Surface Disinfectant Spray
    7- Microban 24 Hour Multi-Purpose Cleaner
इनमें संख्या 5 के अलावा अन्य अल्कोहल अथवा ब्लीच आधारित हैं। ब्लीच से बार बार हाथ धोने से त्वचा को नुकसान हो सकता है। 60 प्रतिशत से कम अल्कोहल वाले प्रोडक्ट कारगर नहीें क्योंकि 60 प्रतिशत तक का अल्कोहल वायरस का भोजन बताया गया है तथा उसके ऊपर वाला ही उसको मारने में सक्षम होने के साथ इतना महंगा है कि आमजन की पहुंच के बाहर है। आम नहाने का साबुन कारगर बताया गया है बशर्ते हर बार 20 सैकण्ड तक उससे हाथ धोया जाये और साफ तौलिये से उसके बाद हाथ रगड़ा जाए। कामकाजी व्यक्तियों के लिए दिन में यह बार-बार करना तकलीफदेह हो सकता है।
संख्या 5 पर वर्णित सेनिटाइजर हाइड्रोजन परोक्साइड आधारित है जो सबसे कारगर गिना गया है परन्तु ब्राण्डेड प्रोडक्ट होने के कारण कतिपय महंगा हो सकता है। इसके बदले यदि कैमिस्ट की दुकान से 3 प्रतिशत श्रेणी का हाइड्रोजन परोक्साइड तरल लिया जाए और उसका एक ढक्कन 5-6 गुणा RO पानी में मिलाकर बोतल में रखा जाए तथा हर बार उसकी कुछ बूंदें हाथ पर डालकर कीमती सेनिटाइजर की तरह मल ली जायें तो सस्ते में काम हो जाएगा, क्योंकि सभी चीजों के मुकाबले हाइड्रोजन परोक्साइड में सभी वायरस शीघ्रातिशीघ्र समाप्त करने की क्षमता सर्वाधिक पाई गई है।



इलाज- अब कोरोना फ्लू वायरस के सम्भावित इलाज पर नजर डालें। अमेरिका तथा अन्यत्र फ्लू लिए हाइड्रोजन परोक्साइड पर प्रयोग किए गए हैं जो हाइड्रोजन परोक्साइड का ऐतिहातन इस्तेमाल से बीमारी का सफाया करने में कारगर बताये गये हैं। 
सभी फ्लू वायरस, कोरोना समेत, यदि कान के रास्ते दाखिल होते हैं तो इलाज भी वहीं से शुरु होना चाहिए। बाीमारी का शुरुआती लक्षण गला खराब/खांसी, साइनस भर जाने के कारण ज़ुकाम, सांस लेने में दिक्कत तथा बुखार और शरीर में दर्द। ऐसा महसूस होने पर तुरन्त 3 प्रतिशत हाइड्रोजन परोक्साइड बराबर RO पानी में मिलाकर 4-5 बूंदें एक-एक करके दोनों कानों में डालकर उबलने दें। खाली करने पर साइनस कुछ घण्टों में खुल जायेंगे तथा राहत मिलनी आरम्भ हो जाऐगी। यदि जरूरत समझें तो इसे एक बार 8 घण्टे बाद दोहरा लें। 
तत्पश्चात, खाली पेट 3 प्रतिशत हाइड्रोजन परोक्साइड की पांच बूंदें एक कप याने 200 मिली लिटर RO पानी में मिलाकर दिन में तीन बार पी लें। बुखार और शरीर में दर्द 3-4 दिन में चला जायेगा। याद रहे जितना जल्दी यह इलाज शुरु होगा, बीमारी आगे नहीं बढ़ेगी और उतना जल्दी आराम भी आयेगा। 
परिभाषा- खाली पेट से अभिप्रायः है कुछ भी खाने से एक घण्टे पहले अथवा कुछ भी खाने के 3 घण्टे बाद। यह अत्यन्त आवश्यक है।
आरओ पानी से अभिप्रायः केवल RO प्योरिफायर से साफ किया पानी अथवा डिस्टिल्ड वाटर उबला पानी नहीं। साधरण फिल्टर्ड पानी भी नहीं।
फ़ूड ग्रेड हाइड्रोजन परोक्साइडः भारत में यह निर्माण नहीं होता, न ही बाजार में उपलब्ध है। बाजार में उपलब्ध 3 प्रतिशत हाइड्रोजन परोक्साइड पानी मिश्रित कर सेनिटाजेशन के लिए अति उत्तम है। बहुत सस्ता भी पड़ेगा। इसे कानों में डालने के लिए भी प्रयोग कर सकते है। फ़ूड ग्रेड हाइड्रोजन परोक्साइड न मिलने पर कुछ दिन उपरोक्त विधि से पीना भी लाभकारी होगा।
यह इलाज फ्लू के लक्ष्ण के कारक सभी वायरस पर लाभदायक पाया गया है।
लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं लिक्विड आक्सीजन थेरेपी के विशेषज्ञ है।



अगली किस्त में पढ़ियेः 
हाइड्रोजन परोक्साइड थिरेपी की पृष्ठभूमि एवं स्वास्थ्य लाभ 


 


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