सोमवार, 25 मई 2020

लोगों के दरवाजों तक ‘शाही लीची’ और ‘जर्दालु आम’ 

लोगों के दरवाजों तक ‘शाही लीची’ और ‘जर्दालु आम’ 



डाक विभाग का बिहार पोस्टल सर्किल पहुंचाएगा शौकीनों के पास फल
एजेंसी 
नई दिल्ली। डाक विभाग और बिहार सरकार के बागवानी विभाग ने लोगों के दरवाजों तक ‘शाही लीची’ और ‘जर्दालु आम’ की आपूर्ति करने के लिए हाथ मिलाया है। बिहार पोस्टल सर्किल ने बिहार सरकार के बागवानी विभाग के साथ मुजफ्रफरपुर से शाही लीची और भागलपुर से जर्दालु आम की लाजिस्टिक्स करने तथा इसकी लोगों के दरवाजों तक प्रदायगी करने के लिए एक करार किया है।
कोरोना वायरस को सीमित करने के लिए लाकडाउन के कारण लीची और आम के उत्पादकों को फलों को बेचने के लिए बाजार तक ले जाने/परिवहन की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों के बीच इसकी आपूर्ति एक बड़ी चुनौती बन गई है इसलिए आम लोगों की मांग को पूरी करने और किसानों को उनका फल बेचने के लिए बिना किसी बिचौलिये के सीधे उनका बाजार उपलब्ध कराने के लिए बिहार सरकार के बागवानी विभाग एवं भारत सरकार के डाक विभाग ने इस पहल के लिए हाथ मिलाया है।
मुजफ्रफरपुर की ‘शाही लीची’ और भागलपुर का ‘जर्दालु आम’ अपने अनूठे स्वाद और हर जगह मांग के कारण दुनिया भर में विख्यात है। लोग आनलाइन तरीके से वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर आर्डर पेश कर सकते हैं।
आरंभ में यह सुविधा ‘शाही लीची’ के लिए मुजफ्रफरपुर और पटना के लोगों को तथा ‘जर्दालु आम’ के लिए पटना और भागलपुर के लोगों के लिए उपलब्ध होगी। लीची की बुकिंग न्यूनतम 2 किग्रा0 तथा आम की बुकिंग न्यूनतम पांच किग्रा0 तक के लिए होगी।
आनलाइन बुकिंग तथा दरवाजों तक प्रदायगी की सुविधा उत्पादकों/किसानों को सीधे तौर पर इस नए बाजार में अच्छा लाभ अर्जित करने में मदद करेगी। ग्राहकों को भी कम कीमत पर अपने दरवाजों तक इन ब्रांडेड फलों को प्राप्त करने का लाभ मिलेगा। अभी तक वेबसाइट पर 4400 किग्रा लीची के लिए आर्डर दिए जा चुके हैं। सीजन के दौरान यह एक लाख किग्रा0 तक जा सकता है। आमों के लिए आर्डर मई के अंतिम सप्ताह से आरंभ होंगे।


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