बुधवार, 24 जून 2020

चीन ने किया 33 हेक्टेयर नेपाली जमीन पर किया कब्जा

चीन ने किया 33 हेक्टेयर नेपाली जमीन पर किया कब्जा
भारत विरोधी हरकत करने वाले नेपाल को मिला चीन से सबक



एजेंसी
काठमांडू। चीन ने अब नेपाल की जमीन पर भी कब्जा करना शुरू कर दिया है। नेपाल के कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक देश के कुल 10 जगहों पर चीन ने कब्जा कर लिया है। यही नहीं पेइचिंग ने 33 हेक्टेयर की नेपाली जमीन पर नदियों की धारा बदलकर प्राकृतिक सीमा बना दी है और कब्जा कर लिया है। भारत के खिलाफ विवादित नक्शा जारी करने वाली नेपाल की कम्युनिस्ट सरकार ने अपने आका चीन के इस नापाक कदम पर चुप्पी साध रखी है, वहीं विपक्ष को अब ड्रैगन का डर सताने लगा है।
विपक्षी नेपाली कांग्रेस के उपाध्घ्यक्ष और देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री बिमलेंद्र निधि ने आरोप लगाया है कि चीन जबरन नेपाल की जमीन पर कब्जा कर रहा है। उन्होंने केपी ओली सरकार से अपील की कि वह चीन के हिमालय और नेपाली गांव रुई पर कब्जा करने के खिलाफ कार्रवाई करे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी प्रशिक्षण दे रही और उसे इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए।
बताया जा रहा है कि चीन ने तिब्बत में सड़क निर्माण के बहाने नेपाल की जमीन पर कब्जा कर रखा है। नेपाल सरकार के कृषि मंत्रालय के सर्वे डिपार्टमेंट में 11 ऐसी जगहों की लिस्ट है जिनमें से चीन ने 10 पर कब्जा कर रखा है। यही नहीं 33 हेक्टेयर की नेपाली जमीन पर नदियों की धारा बदलकर प्राकृतिक सीमा बना दी गई है और कब्जा कर लिया गया है। चीन ने नेपाल के रुई गांव पर कब्जा कर लिया है और कथित तौर पर अतिक्रमण को वैध बनाने के लिए गांव के सीमा स्तंभों को हटा दिया है।
चीनी सरकार तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र टीएआर में सड़क नेटवर्क के लिए निर्माण कर रहा है जिससे नदियों और सहायक नदियों का रास्ता बदल गया है और वे नेपाल की तरफ बहने लगी हैं। दावा किया गया है कि अगर यह जारी रहा तो नेपाल का बड़ा हिस्सा टीएआर में चला जाएगा। इस दस्तावेज में चेतावनी दी गई है कि अगर समय पर कदम नहीं उठाए गए तो नेपाल की और जमीन चली जाएगी।
चीन के निर्माणकार्य की वजह से बगडरे खोला नदी और करनाली नदी का रास्ता बदल गया है और हुमला जिले में 10 हेक्टेयर जमीन पर अतिक्रमण हो गया है। नेपाल की 6 हेक्टेयर जमीन रसूवा जिले में सिंजेन, भुरजुक और जांबू खोला के रास्ते बदलने की वजह से अतिक्रमण में जा चुकी है। वहीं, नेपाल की 11 हेक्टेयर जमीन पर चीन पहले ही तिब्बत में होने का दावा कर चुका है। सिंधुपलचोक जिले में खरानी खोला और भोटे कोसी के रास्ते में हुए बदलाव के चलते यह दावा किया गया है।
तिब्बत में चीन के सड़क निर्माण ने संखूवासभा जिले में समजुंग, काम खोला और अरुण नदी के रास्ते के चलते 9 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा कर लिया है। इस दस्तावेज में कहा गया है कि अगर नदियों की वजह से जमीन कम होती रही तो सैकड़ों हेक्टेयर जमीन टीएआर में चली गई। बड़ी संभावना है कि चीन इन इलाकों में अपने बॉर्डर ऑब्जर्वेशन पोस्ट बना लेगा जहां उसकी सशस्त्र पुलिस तैनात रहेगी। वर्ष 1960 में सर्वे के बाद खंभे लगाकर चीन की सीमा तय कर दी गई थी लेकिन नेपाल ने सीमा को सुरक्षित करने के लिए कुछ नहीं किया।


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