शनिवार, 19 दिसंबर 2020

मिसेज बेक्टर फूड स्पेशिलिटी का आईपीओ निवेशकों के बीच हिट

 आईपीओ स्टार ने बीस हजार रुपये से खड़ी की हजार करोड़ की कंपनी

मिसेज बेक्टर फूड स्पेशिलिटी का आईपीओ निवेशकों के बीच हिट 



प0नि0डेस्क

देहरादून। क्रीमिका ब्रांड के नाम से बिस्कुट बनाने वाली कंपनी मिसेज बेक्टर पफूड स्पेशिलिटी का आईपीओ निवेशकों के बीच जबरदस्त हिट साबित हुआ। कंपनी के इनिशियल पब्लिक आफर को 198 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल हुआ। कंपनी का आईपीओ खुलने के पहले कुछ घंटों में ही कंपनी के पब्लिक आफर को 100 फीसदी से ज्यादा सब्सक्रिप्शन हासिल हो गया। 

मिसेज बैक्टर का आईपीओ इस साल सबसे सुपरहिट रहा। इश्यू के आखिरी दिन भी निवेशकों ने कंपनी के शेयर के लिए जमकर आवेदन दिये। इसके साथ इश्यू साइज से 199 गुना अधिक सब्सक्राइब हुआ। इस कंपनी की को-फाउंडर रजनी बेक्टर का यह सफर प्रेरणादायक है। रजनी ने बीस हजार रुपये से बिस्कुट बनाने की शुरूआत की और 1,000 करोड़ रुपये की कंपनी खड़ी कर दी।

रजनी बेक्टर अविभाजित कराची (ज्ञंतंबीप) में पैदा हुईं लेकिन भारत-पाक बंटवारे के समय वह अपने परिवार के साथ दिल्ली चली आई। उन्होंने 1978 में लुधियाना में 20,000 रुपये के निवेश के साथ शुरू हुई मिसेज बैक्टर फूड स्पेशिलिटी को 1,000 करोड़ रुपये की कंपनी में बदल दिया। रजनी बेक्टर ने अपना बचपन लाहौर में बिताया, जहां उनके पिता एक सरकारी कर्मचारी थे। भारत-पाक विभाजन के बाद उनका परिवार दिल्ली चला आया। 17 साल की उम्र में रजनी ने लुधियाना के धरमवीर बेक्टर से शादी की और फिर पढ़ाई पूरी की। शादी के बाद रजनी अपने पति और तीन बेटों की जिम्मेदारी संभालने लगी।

बेक्टर को खाना बनाने का बहुत शौक था, इसलिए उन्होंने पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में एक बेकिंग कोर्स में दाखिला लिया। इस दौरान उन्होंने अपनी आइसक्रीम, केक और कुकीज ट्राई के लिए लोगों को आमंत्रित किया, जहां उनमें से कुछ ने रजनी को अपना कारोबार शुरू करने का सुझाव दिया। लोगों की सलाह पर 70 के दशक में पहले उन्होंने आइसक्रीम बनाना शुरू किया और 1978 में 20,000 रुपये के शुरुआती निवेश के साथ उन्होंने बिस्कुट, कुकीज और केक बनाने का काम शुरू कर दिया। रजनी अपनी मेहनत और लगन के दम पर आज मिसेज बैक्टर फूड स्पेशिलिटी की मालिकन हैं।

उनकी कंपनी के बिस्कुट, ब्रेड और आइसक्रीम 60 से भी अधिक देशों में एक्सपोर्ट किए जाते हैं, जिससे उनका सलाना टर्नओवर 1,000 करोड़ रुपये हो जाता है। रजनी बेक्टर की कंपनी फास्ट फूड चेन मेक्डोनाल्ड्स और बर्गर किंग को भी ब्रेड सप्लाई करती है। जब उनके बच्चें बोर्डिंग स्कूल चले गए तब उन्होंने लुधियाना में फूड कंपनी क्रीमिका की एक छोटी से यूनिट स्थापिक की। अब मिसेज बेक्टर का क्रेमिका नान-ग्लूकोज सेगमेंट में उत्तर भारत का प्रमुख बिस्कुट ब्रैंड बन चुका है। 2013 में रजनी बेक्टर के तीन बेटों, अजय, अनूप और अक्षय बेक्टर के बीच कारोबार को बराबर-बराबर विभाजित किया गया था। कंपनी का राजस्व वित्त वर्ष 2018 में 693 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2015 में 762 करोड़ रुपये हो गया है और यह आज करीबन 1,000 करोड़ रुपये की कंपनी है।

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