मंगलवार, 22 जून 2021

कोविड कफ्र्यू के दौरान चोरी की वारदातों की बाढ़

 नाकामी को छिपाने के लिए पुलिस दबा रही चोरी की वारदातों की शिकायतें 

कोविड कफ्रर्यू के दौरान चोरी की वारदातों की बाढ़



प0नि0ब्यूरो

देहरादून। उत्तराखंड़ पुलिस कोविड़ कफ्रर्यू के दौरान शहर में हो रही चोरी की वारदातों छिपाने में जुटी है। ऐसा करके वह अपनी नाकामी पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है। ऐसा लगता है कि कोरोना महामारी के दौरान पुलिस अपनी बुनियादी कार्यो को भुला बैठी है। जिसकी वजह से तफतीश कर अपराधियों को सलाखों के पीछे करने की बजाय पुलिस चोरी की शिकायतों को दबाने में लगी हुई है। जबकि शहर में दर्जनों चोरियां हो गई लेकिन किसी भी मामले में प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की गई है। संभवतया इसीलिए पुलिस लापरवाह भी हो गयी। 

मामला नेहरू कालोनी थाना क्षेत्र का है। जहां पर कोविड़ कफ्रर्यू के दौरान दर्जनों चोरियां हुई। एक मामले में तो चोरी की वारदात सीसीटीवी कैमरे में भी दर्ज हो गया लेकिन पुलिस आज तक अपराधियों को नहीं पकड़ पायी। नेहरू कालोनी थाना क्षेत्र के केदारपुर वाड़ में कोविड़ कफ्रर्यू के दौरान करीब दर्जन भर चोरी की घटनाएं चोरों द्वारा अंजाम दी गई। यह तमाम वारदात दिन के उजाले में की गई। चोरों ने कहीं से साइकिल उठायी तो कहीं गेट पर हाथ साफ कर दिया। हद तो तब हो गई जबकि चोरों ने एक निर्माण क्षेत्र से सरिया उठा लिया और कई जगह नालियों में लगी लोहे की जाली चुरा ली। 

लेकिन इन तमाम वारदातों के बाद भी पुलिस ने कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की। कई मामलों में तो तहरीर तक लिखवाने की जहमत नहीं उठाई। चूंकि चोरी की वारदातों को रोजनामचे में दर्ज नहीं किया गया इसलिए कागजों में आल इज वेल था। ऐसे में मामले की विवेचना गंभीरता से क्यों होनी थी। हैरानी की बात है कि एक मामले में तो चोरी की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गयी। जिसमें अपराधियों का चेहरा साफ देखा जा सकता है। जिस स्कूटर से चोर आये उसका नंबर भी साफ दिख रहा है। लेकिन पुलिस इतनी लापरवाह हो गयी है कि आज भी अपराधी पुलिस की गिरफ्रत से बाहर है।  

ऐसे में शहर भर में लगाये गए सीसीटीवी कैमरे सवालों के घेरे में आ गए है। क्योंकि वारदात कैमरे में कैद हो जाने के बाद भी पुलिस ने कुछ नहीं करना तो ऐसे इंतजामों का करना क्या है? तो क्या पुलिस इसे छोटी मोटी चोरी की घटना मान रही है। जिसके चलते वह लापरवाही बरत रही है! लेकिन उसे नहीं भूलना चाहिये कि यह तमाम वारदातें दिन के उजाले में अंजाम दिए गए है। एक आध जगह तो दुकानों के शटर तक खोलने का प्रयास किया गया। गनीमत रही कि इसमें चोर कामयाब नहीं हो पाये। 

पुलिस के आला अध्किारियों को इसका संज्ञान लेना चाहिये। गौर हो कि चोरी की घटनाओं की शिकायत खुद क्षेत्र के पार्षद द्वारा की गई लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। जिसका परिणाम यह हुआ कि एक के बाद एक चोरों ने आधा दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम दे दिया।


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