सोमवार, 23 अगस्त 2021

शर्मा को राज्यपाल आर0पी0 अर्लेकर एवं मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सम्मानित किया

 शर्मा को राज्यपाल आर0पी0 अर्लेकर एवं मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सम्मानित किया 



एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नन्द लाल शर्मा को पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय के विशिष्ट पूर्व छात्र के रूप में किया सम्मानित  

संवाददाता

पालमपुर (हिमाचल)। राज्यपाल राजेन्द्र पी0 अर्लेकर और मुख्यमंत्राी जय राम ठाकुर ने एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नन्द लाल शर्मा को सम्मान पत्र भेंट किया तथा चौधरी श्रवण कुमार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय पालमपुर के विशिष्ट पूर्व छात्र के रूप में सम्मानित किया।

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, जो देश के प्रख्यात सीएसके कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर (सीएसकेएचपीकेवी) के कुलाधिपति भी हैं द्वारा विश्वविद्यालय के 16वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए जबकि हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

दीक्षांत समारोह में 393 डिग्री प्राप्तकर्ताओं में से 21 शोध छात्र थे, जिन्होंने पीएचडी की डिग्री प्राप्त की, इनमें से 8 को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर 110 विद्यार्थियों ने मास्टर्स की डिग्री तथा 262 विद्यार्थियों ने स्नातक की डिग्री प्राप्त की।

इस भव्य समारोह में राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के विशिष्ट पूर्व छात्रों को सम्मान पत्र भेंट किए। नन्द लाल शर्मा, जो विश्वविद्यालय के एक पूर्व छात्र हैं, को प्रशासनिक सेवाओं और विद्युत क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान तथा भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रम एसजेवीएन में अध्यक्ष एवं प्रबंध निेदेशक के रूप में उनके गतिशील नेतृत्व के लिए सम्मानित किया गया।

हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के डोहक गांव में 12 फरवरी 1964 को एक कृषक परिवार में जन्में शर्मा ने सरकारी सीनियर सेकेण्डरी स्कूल लठियाणी (जिला ऊना) से स्कूल की शिक्षा पूरी करने के बाद 1985 में तत्कालीन कृषि महाविद्यालय सोलन से बीएससी (कृषि) की शिक्षा पूर्ण की। इन्होंने 1987 में सीएसके हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय से कृषि अर्थशास्त्र में एमएससी की डिग्री पूर्ण की। नन्द लाल शर्मा ने इंटरनेशनल सेंटर पफार प्रोमोशन आपफ पब्लिक एंटरप्राइजेज (आईसीपीई) यूनिवर्सिटी आफ ल्युबल्याना स्लोवोनिया (यूरोप) से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स (एमबीए) भी किया है।

नन्द लाल शर्मा ने वर्ष 1989 में हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा अधिकारी के रूप में अपने कैरियर की शुरूआत की। इन्होंने जुलाई 2008 में एसजेवीएन में कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में ज्वाईनिंग से पहले हिमाचल प्रदेश सरकार में विभिन्न पदों पर कार्य किया।

सार्वजनिक उद्यम चयन बोर्ड (पीईएसबी) द्वारा अखिल भारतीय खुली प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित शर्मा को मार्च 2011 में एसजेवीएन के निदेशक (कार्मिक) के रूप में नियुक्त किया गया। निदेशक (कार्मिक) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान इन्होंने अनेक मानव संसाधन इन्टर्वेशनों का सूत्रपात किया तथा इन्हें सफलतापूर्वक स्थापित करके एसजेवीएन के लिए एक नई व्यावसायिक योजना के पुनर्निमाण में उत्कृष्ट योगदान दिया है।

दिसम्बर 2017 में अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात् शर्मा भारत, नेपाल तथा भूटान में परियोजनाओं के प्रचालन एवं निर्माण करने के साथ-साथ एसजेवीएन को एक विविध बहुराष्ट्रीय विद्युत कंपनी के रूप में स्थापित करने हेतु अग्रणी रहे हैं। एसजेवीएन जिसने एक जलविद्युत कंपनी के रूप में शुरूआत की थी ने आज शर्मा के नेतृत्व में थर्मल विद्युत, पवन और सौर ऊर्जा उत्पादन तथा विद्युत पारेषण के क्षेत्र में भी सफलतापूर्वक प्रवेश किया है।

आज एसजेवीएन के पास पाइपलाइन में लगभग 10,000 मेगावाट क्षमता की 31 परियोजनाओं का एक सुदृढ़ पोर्टफोलियो है। इसके साथ एसजेवीएन ने अपने लिए वर्ष 2023 तक 5000 मेगावाट, वर्ष 2030 तक 12000 मेगावाट तथा वर्ष 2040 तक 25000 मेगावाट स्थापित क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। पुरस्कार वितरण समारोह में बोलते हुए शर्मा ने कहा कि विश्श्वविद्यालय में इस प्रकार सम्मानित होना उन्हें विनयशील बनाता है जहां कभी उन्होंने एक छात्र के रूप में कड़ी मेहनत की थी।

एक मिनी रत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपानी का नेतृत्व करने में विद्युत क्षेत्र तथा नेतृत्व में उनके योगदान के बारे में शर्मा ने कहा कि नेतृत्व एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और लीडर को सबसे आगे रहकर अगुवाई करनी पड़ती है। जैसाकि प्रसिद्व अमरीकी लेखक जान सी मैक्सवैल कहते हैं कि एक नेता वह है जो रास्ते को पहचानता है, रास्ते पर चलता है और सबको रास्ता दिखलाता है।

राज्यपाल अर्लेकर ने अपने संबोधन में उपाधि प्राप्त करने वाले समस्त मेधावी छात्रों को शुभकामनाएं दी तथा उनसे निःस्वार्थ भाव से राज्य और देश की सेवा करने का आग्रह किया। समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष विपन परमार सम्मानीय अतिथि के रूप में तथा कृषि, पशुपालन तथा मत्स्य पालन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में तीन पुस्तकों, एक संग्रह तथा एक रिपोर्ट का विमोचन किया।

इससे पूर्व प्रोफेसर एच0के0 चौधरी कुलपति सीएसकेएचपीकेवी ने इस अवसर पर राज्यपाल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत और सम्मान किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी जिसमें संस्थान द्वारा सम्पन्न शैक्षणिक वर्ष में की गई प्रगति का विवरण था।


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