सोमवार, 9 अगस्त 2021

सड़क पर कोई मोटर टक्कर मार कर भाग गया तो नहीं होंगे असहाय

 सड़क पर कोई मोटर टक्कर मार कर भाग गया तो नहीं होंगे असहाय



ऐसे मामलों में टक्कर मारने वाले को पकड़ा नहीं जाता इसलिए पीड़ित परिवारों को उचित सहायता भी नहीं मिल पाती

एजेंसी

नई दिल्ली। देश में ऐसा अक्सर होता है। कोई व्यक्ति सड़क पर पैदल या साइकिल से जा रहा है और कोई मोटर वाला उसे टक्कर मार कर फरार हो गया। ऐसे मामलों में हर साल हजारों लोग गंभीर से घायल हो जाते हैं। हजारों की जान भी चली जाती है। इस तरह के केस में चूंकि टक्कर मारने वाला पकड़ा नहीं जाता इसलिए हताहत हुए लोगों के परिवार वालों को उचित सहायता भी नहीं मिल पाती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सरकार ने इस तरह की सड़क दुर्घटना में हताहत हुए लोगों के परिवार वालों को मोटी रकम का देने का प्रस्ताव किया है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ‘हिट एंड रन’ सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे की राशि को 8 गुना बढ़ाने का फैसला किया है। मंत्रालय ने प्रस्ताव रखा है कि अब इस तरह की दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार वालों को दो लाख रुपये की सहायता मिले। अभी तक ऐसे मामलों में 25 हजार रुपये की सहायता देने का प्रावधान है। इसके साथ ही अब इस तरह के मामलों में गंभीर रूप से घायल होने वालों को भी ज्यादा रकम मुआवजे के रूप में मिल सकेगी। सरकार ने प्रस्ताव किया है कि सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने पर 50,000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। अभी तक ऐसे मामलों में 12,500 रुपये का मुआवजा दिया जाता है।

सड़क दुर्घटना के लिए जिम्मेदार मोटर की पहचान हो जाने पर हताहत व्यक्ति को मुआवजा तो बीमा कंपनी से मिलता है। लेकिन हिट एंड रन मामलों में तो टक्कर मारने वाला फरार हो जाता है। ऐसे मामलों में पीड़ितों को सहायता देने के लिए वर्ष 1989 में एक हर्जाना योजना बनी थी। इन पीड़ितों को मोटर व्हीकल एक्सिडेंट फंड से सहायता दी जाती है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 के दौरान देश में हुई कुल 4,49,002 सड़क दुर्घटनाओं में 1,51,113 लोगों की मौत हुई थीं। इनमें से हिट एंड रन में 29,354 लोगों ने जान गंवाई थी। हिट एंड रन केस में आलोच्य वर्ष के दौरान 67,751 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल में राज्यसभा में बताया था कि वर्ष 2019 के दौरान सिर्फ दिल्ली में ही हिट एंड रन सड़क दुर्घटनाओं में 536 लोग मारे गए और 1,655 लोग घायल हो गए।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को सार्वजनिक कर दिया है। मंत्रालय ने इस प्रस्तावित योजना पर सभी स्टेकहोल्डरों से 30 दिनों के अंदर सुझाव या टिप्पणी मांगी है। उसके बाद जरूरत पड़ी तो इसमें संशोधन किया जाएगा। फिर इसे अधिसूचित कर दिया जाएगा।


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