रविवार, 29 अगस्त 2021

टाईगर रिजर्व में अतिक्रमण पर प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखण्ड सख्त

 टाईगर रिजर्व में अतिक्रमण पर प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखण्ड सख्त 



रेंज से जांच ली वापस, किया जांच अधिकारी नामित 

तन्ख्वाह (वेतन) विभाग की ओर खिदमत भूमाफियाओं की 

जांच के आदेश के बाद भूमाफियाओं की बड़ी मुश्किलें 

संवाददाता

हरिद्वार। पिपुल्स फार एनिमल्स संस्था के पदाधिकारी आदित्य शर्मा ने प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखण्ड को अवगत कराया है कि टाईगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज में पिछले कुछ वर्षों से विभागीय मिलीभगत से अतिक्रमणों की बाड़ सी आ गई हैं। शिकायतों के बावजूद अतिक्रमणों को गम्भीरता से नही लिया जा रहा हैं क्योंकि अवैध अतिक्रमण विभागीय मिलीभगत से कराए जा रहे है। 



उन्होंने आरोप लगा कि अवैध अतिक्रमणों के टाईगर रिजर्व के नक्शे में होने के बावजूद पैसों का लेनदेन कर बिना किसी खौफ के भूमाफियाओं को संरक्षण देकर वन्यजीवों के वास स्थल को हटा कर अवैध पक्के निर्माण कर अतिक्रमण कराए जा रहे है।

संस्था की शिकायत पर दिनांक 22/05/2020 खड़खड़ी बिट के वन दरोगा देव सिंह बिष्ट द्वारा भीमगोडा कुण्ड के समीप पहाड़ काट कर चट्टान पर ही पिलर खड़े कर दो मंजिली इमारत खड़ी की जा रही थी। संस्था को दिखाने के लिए वन विभाग द्वारा एचडीए, रेलवे एवं नगर निगम को पत्र लिख कर स्पष्टीकरण मांगा। अब अधिकारियो को कौन बताए कि चट्टान को काटकर उसपर ही पिलर खड़े कर दिए लेकिन टाईगर रिजर्व पिफर भी आंखे मूंदे चुपचाप बिना संस्था को बताए सर्वे करा कर उक्त चट्टान को टाईगर रिजर्व से बाहर करना मिली भगत का साफ उदाहरण हैं।



जांच में संस्था को सम्मिलित ना करना और ना ही जांच से अवगत कराना, ये मिलीभगत ही हैं। इतना ही नही दिनांक 25/08/2021 को पुनः नव निर्माण अवैध अतिक्रमण खड़खड़ी बिट हिल बाईपास पुल के समीप सड़क पर ही बनाया जा रहा हैं। उक्त भूमि भी टाईगर रिजर्व के क्षेत्र का ही भाग हैं। फिर भी खुले आम सड़क पर ही इस अवैध पक्के निर्माण को मिली भगत से उसी वन दरोगा के संरक्षण में बनाया जा रहा है। बता दें कि आधा बना यह पक्का निर्माण रेंज अधिकारी दिनेश प्रसाद उनियाल के कार्यकाल मंे तीन वर्ष पूर्व रुकवा दिया था। लेकिन मामला शांत हो जाने पर दोबारा मिलीभगत से अवैध पक्का निर्माण शुरू करा दिया। फोटोग्राफ में साफ देख सकते है कि नीचे का निर्माण पुराना हैं और ऊपर की दीवार हाल फिलहाल बना है। 

रेंज से महज 1 किलोमीटर दूरी पर हरिद्वार इंड्रस्ट्रीयल एरिया (समीप पुलिस चौकी) होटल हिल फारेस्ट द्वारा होटल के सामने टाईगर रिजर्व की भूमि की सीमा में फेर बदल कर जेसीबी लगा कर समतल कर अवैध पार्किंग बना दी गई। उक्त स्थान टाईगर रिजर्व के नक्शे में होने के बावजूद केस नही कटा और भूमाफियाओं को उक्त अवैध पार्किंग से सम्बंधित कागजात रेज कार्यालय लाने को कहा गया। 

प्रार्थी ने प्रमुख वन संरक्षक से अनुरोध किया हैं कि इन दिनों अवैध अतिक्रमणों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 27, 35, 51व 52 एवं भारतीय वन अधिनियम की धारा 26 के तहत टाईगर रिजर्व के अंदर बिना अनुमति प्रवेश कर वन्य जीवों को क्षति पहंुचाने एवं वन्य जीवों के वास स्थल को हटा कर टाईगर रिजर्व की सीमा में फेर बदल करने व पार्किंग व पक्के निर्माण करने पर तीनों प्रकरणों की रेंज स्तर पर जांच ना करें। किसी बाहरी अधिकारी को जांच अधिकारी नामित कर जांच में संस्था को भी सम्मिलित करते हुए निष्पक्ष जांच कराये।

इस गम्भीर विषयांे का संज्ञान लेते हुए प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड ने जांच हेतु अखिलेश तिवारी वन संरक्षक शिवालिक वृत उत्तराखण्ड को जोच अधिकारी नामित कर 10 दिन के भीतर आख्या उपलब्ध कराने के निदेश दिए अथवा जांच में संस्था को भी सम्मिलित करने के भी निर्देश दिये।


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