बुधवार, 4 सितंबर 2019

कांगो फीवर कैसे होती है ये बीमारी और क्या हैं इसके लक्षण

कांगो फीवर कैसे होती है ये बीमारी और क्या हैं इसके लक्षण



इस जानलेवा वायरल इन्फेक्शन से पीड़ित करीब 30 से 80 फीसदी मामलों में रोगी की मौत हो जाती है
एजेंसी 
अहमदाबाद। गुजरात में कांगो फीवर तेजी से फैल रहा है। इस बुखार से अब तक वहां 3 लोगों की मौत हो चुकी है और 8 लोगों के ब्लड सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। अभी भी स्वास्थ्य विभाग इस मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। कांगो फीवर वायरस के जरिए फैलने वाली बीमारी है। यह पालतू जानवरों की स्किन में रहने वाला पैरासाइट है। इसका नाम है श्हिमोरलश्। पशुपालकों को यह बुखार होने की आशंका ज्यादा होती है।
कांगो फीवर जानलेवा साबित हो सकता है। इस वायरल इन्फेक्शन से पीड़ित 30 से 80 फीसदी मामलों में रोगी की मौत हो जाती है। यह बीमारी पशुओं में पाए जाने वाले पैरासाइट श्हिमोरलश् के जरिए इंसानों में फैलती है। कांगों फीवर के ज़्यादातर मामले पश्चिमी और पूर्वी अफ्रीका में पाए जाते हैं। पिस्सू के जरिए यह बीमारी जानवरों से फैलती है।
इस फीवर से पीड़ित व्यक्ति की बॉडी से खून आने लगता है और कई महत्वपूर्ण अंग काम करना बंद कर देते हैं। इन्फेक्टेड व्यक्ति को मसल्स में दर्द के साथ तेज बुखार आता है। इसके अलावा सिर दर्द, चक्कर आना, रोशनी से चिड़चिड़हट होना और आंखों से पानी आना और जलन होने की समस्या सामने आती हैं। इसके अलावा रोगी को उल्टी, गले में खराश और पीठ में दर्द की भी समस्या होती है। इस बुखार में डेंगू की ही तरह प्लेटलेट्स काउंट तेजी से गिरने लगते हैं।


 


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