सोमवार, 31 जनवरी 2022

फर्स्ट एड बाक्स में इन चीजों को रखना जरूरी हैं

 कई घरों में ये बाक्स होता है लेकिन इसे अपडेट न करने से इमरजेंसी में मुश्किल होती है



फर्स्ट एड बाक्स में इन चीजों को रखना जरूरी हैं

प0नि0डेस्क

देहरादून। घर पर फर्स्ट एड बाक्स का होना बहुत जरूरी होता है। छोटी-छोटी चोट, बुखार, इनफेक्शन या स्वास्थ्य संबंधी किसी भी तरह की समस्या होने पर कोरोना महामारी के समय में तुरंत डाक्टर के पास जाना संभव नहीं होता और ऐसे में ये बाक्स बहुत काम आती है। 

कई घरों में ये बाक्स तो होता है लेकिन समय समय पर इसे अपडेट न करने से इमरजेंसी के समय मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। यही नहीं, कई बार तो सालों से इसमें रखीं दवाएं एक्सपायर हो जाती हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि समय-समय पर इसे चेक करते रहें और जरूरी चीजों को रिफिल किया जाए। 

आपके फर्स्ट एड बाक्स में क्या-क्या चीजें होना जरूरी है-

पेन किलर दवाएंः घर में सबसे जरूरी किसी दवा की जरूरत होती है तो वो है दर्द निवारक दवाएं। पिफर वह चाहे सिर दर्द, पेट दर्द, ज्वाइंट पेन की दवा हो या सूजन आदि के दौरान लिए जाने की दवा। आप डाक्टर की सलाह पर कुछ दवाओं को अपने बाक्स में इमरजेंसी दवाओं के रूप में रख सकते हैं।

बैंडेजः घर पर काम के दौरान चोट आना एक आम बात है। ऐसे में घाव को खुला रखने से इन्पफेक्शन की संभावना होती है। इसलिए घर में बैंडज का होना बहुत ही जरूरी है। इसके अलावा काटन और पट्टी को भी जरूर इसमें रखें।

एंटीसेप्टिक क्रीमः कटने या छिलने के बाद घाव को तुरंत डिटाल के पानी से धोएं और एंटीसेप्टिक क्रीम या साल्यूशन का इस्तेमाल करें। एंटीसेप्टिक क्रीम घाव पर बैक्टीरिया पनपने के खतरे को कम करता है। इसलिए मेडिकल एड बाक्स में इसे जरूर रखें। सोफरामाइसिन या बरनाल आदि रख सकते हैं।

गैस या बदहजमी की दवाः कई बार बासी खाना या बाहर का खाना खाने से पेट दर्द, मरोड़, कब्ज, गैस, बदहजमी जैसी समस्याएं आती हैं ऐस में राहत के लिए एंटासिड, पुदीन हरा, डाइजिन आदि दवाओं को रखें। ये पेट की समस्याओं से तत्काल छुटकारा दिलाने के काम आ सकती है।

इलेक्ट्राल और ग्लूकोजः गर्मी और बारिश के मौसम में अक्सर शरीर में नमक व मिनरल्स की कमी हो जाती है और डिहाइड्रेशन का अनुभव होता है। ऐसा होने पर तुरंत ग्लास में इलेक्ट्राल का घोल पीना पफायदेमंद होता है। ग्लूकोज के सेवन से आप दोबारा से तरोताजा हो जाते हैं।

पेट की समस्या की दवाएंः पेट खराब होना, दस्त, उबकाई, अपच, बदहजमी के लिए पेप्टोबिस्माल का इस्तेमाल किया जाता है। ईनो, पुदीन हरा, डाइजीन भी रखें। पेरासिटामोल, एवोमिन, कोरेक्स जैसी सामान्य दवाइयां जरूरत के समय काम आती है।

थर्मामीटरः सिजनल फीवर या कोरोना सभी में थर्मामीटर की जरूरत पड़ती है। ऐसे में हर घर में एक या दो थर्मामीटर होने चाहिए।

एंटी एलर्जिक दवाएंः त्वचा पर होने वाली खुजली व चकत्तों से राहत पाने के लिए एंटी एलर्जिक दवाएं, एंटी फगल क्रीम, एलोवेरा जेल और बर्न क्रीम रखना जरूरी है। कटने, छिलने आदि में उपचार के लिए सोफरामाइसीन जैसे एंटी बैक्टीरियल या एंटीबायोटिक आइंटमेंट रखें।

बाम या वेपोरबः सिर दर्द, सर्दी ज़ुकाम, हाथ पैर और कमर दर्द के लिए बाम बहुत उपयोगी है। बाम इस प्रकार के दर्द से तुरंत राहत दिलाने में कारगर होता है। ऐसे में ओमनीजेल, विक्स वेपोरब, मूव आदि जरूर रखें।

ब्लड प्रेशर मशीन और आक्सीमीटरः घर में अगर बुजुर्ग है तो ब्लड प्रेशर नापने की मशीन रखनी चाहिए। इसके अलावा कोरोना महामारी के दौरान घर में आक्सीमीटर का होना जरूरी है।

इन चीजों को भी रखें- कैंची, आइस बैग, हीटिंग बैग, रूई, बड्स, पिन, सेफ्रटी पिन आदि भी पफर्स्ट एड बाक्स में जरूर रखें।


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